सोमवार, अगस्त 15, 2011

हिन्दुस्तानी बस नाम नहीं

हिन्दुस्तानी बस नाम नहीं, इस दिल में हिन्दुस्तान है!
बदनाम नहीं होने देंगे, जब तक इस तन में जान है!

बस हाथ ज़रा से छूटे है, पर एक सभी के प्राण है !
फिर आपस में हाथ पकड़ कर देखो, क़दमों में पाकिस्तान है!

झुकना हमने सीखा ही नहीं, रग-रग में स्वाभिमान है !
नेताजी और आज़ाद शरीखे, लोगों की हम
संतान है !

बम बंदूकों से दुनिया में, कब होता गुण-गान है !
औकात हमारी मत पूछो, दुनियाँ में हमारी शान है!

वो चिंगारी समझ के बैठे है, जो ज्वाला का मगर निशान है!
मुझे एक अकेला मत समझो, हर दिल में ये तूफ़ान है!

वो मूढ़ जिसे मृत्यु कहते, वो बूँद का सागर होना है !
हम बाद शहादत ज़िंदा रहते, भारत माँ का वरदान है!

सच्चाई सीखी हरिश्चंद्र से, और भीम से छाती पाई है!
चट्टानों से इंसान यहाँ, फौलादों सा ईमान है
WRITTEN BY MANOJ HINDUSTANI

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